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- Dec 12, 2024
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हेलो रीडर्स, ई आम सुनील शावॅन फ्रॉम महाराष्ट्रा. मे महर्षट्रा से बिलॉंग करता हू. आज मे आपको एक रियल कहानी बटूँगी जो मेरे बचपन में हुआ करती थी. सो आपका टाइम बर्बाद किया बिना मे स्टोरी चालू करता हू.
तो मे जब 19 साल का था, हमारे घार में कम चालू होने के बाजेसे मे अपनी मामी का यहा रहने गया.
इंट्रोडक्षन ऑफ मामी: हेर नामे इस रोहिणी आंड हेर स्किन कलर वाज़ लाइट वाइट. बोहोट गोरी थी वो और उनका फिगर वाज़ 34-30-36. शी वाज़ अट्रॅक्टिव आंड ब्यूटिफुल लेडी. हेर आगे वाज़ 36.
मामी को एक बेटा भी था 6 साल का और मेरे मामा देल्ही मे थे. उनका वाहा बिज़्नेस था और वो ज़्यादा मामी को टाइम नही दे पाते थे. तो मेने अपने मामी को भोथ बार ब्रा और पेटिकोट पे देखा करता क्यूकी एक हे रूम में रहा करते. तो कपड़े बदलने के लिए अलग रूम नही था.
तो मामी दूधवाला (रवि) को बस 1-2 दिन फेले हे लगाया था जब मे आने से फेले वो 9 बजे के करीब आया कर ता था. तब मे और मामी का लड़का बेड पेर सोया करते थे. मामी दूधेवाले के लिए डोर ओपन रखती थी. मेने देखा वो बोहोट लंबा था और उसकी स्किन ब्राउन थी और उसकी आगे 40 और सर पेर एक भी बाल नही था. पेर फिर भी वो अट्रॅक्टिव था. उसके 6 फ्ट हाइट वजेसे मामी उससे बड़े प्यार से बातें करती थी और वो भी मामी से फ्लर्ट करता था.
मुज़े यह देखके बोहोट गुस्सा आता था बुत में क्या हे कर सकता था. फिर उनका यह रोज चालू हे रहेता था. मे यह सब सोने के आक्टिंग करने के बहाना सब देखता था. फिर एक बार मामी जल्दी नहाने गयी. करीब 8:30 को और वो 8:55 को बाहर आई और उसने जन्मुजके शायद डोर बस बंद किया और काफ़ी नही लगयइ. तब उसने उप्र ब्रा और नीचे पेटिकोट फीना. उतने में हे रवि आगया. उसने डोर खोला और देखा मामी ब्रा और पेटिकोट पे थी.
मामी की नेवेल और बूब्स दिखे आ रहे थे. मामी के बस निपल ढके हुए थे. वो देखते हे रहे गया और मामी अपने आप को धक ने का भी प्रेज़ नही कर रही थी. उसको मज़ा आ रहा था. वो वेसए हे दूध का पॅकेट लेने गयी रवि के हाथ से और रवि मामी को उपेर से नीचे तक देख रहा था.
मेने उसकी आखों में हवस देखी. उसने अपना वक्त बर्बाद ना किया मामी का हाथ पकड़ा और उसको अपने तरफ खिचके मामी के रसीली लिप्स चूमने लगा. मामी भी उसके लिप्स चूम रही थी और फिर रवि की नज़र जब मेरे पेर गयइ, तब वो मामी को बातरूम में ले गया.
मामी का घर भले छोटा था; बस बातरूम काफ़ी बड़ा था. तो रवि मामी को बातरूम में ले जाकर चूमने लगा. तब मे आया और एक टेबल पर चड़ा और बातरूम के ताकि उपेर चड़ा और वाहा पेर एक होल था. वाहा से सब दिखा था बातरूम का.
तो रवि अपनी ताकत लगा कर मामी का बदन दबा रहा था और उसने मामी के लिप्स चूम चूम कर खून आने लगा. वो क़िस्सी जानवर से कम नही था. फिर उसने मामी के आर्म्पाइट्स चाटना शुरू किया. मामी के अंप्रीतस से खुसबू आती थी. वो मामी को अंप्रीतस के बाल अपने दातों से उखाड़ दिए और आने वेल खून को छत रहा था और उसने मामी के बदन पेर बोहोट काटा. उसने मामी के बूब्स और निपल करीब 30 मिनिट तक सक किया और फिर में टेबल की मदात से नीचे आया और बेड पेर सोने की नाटक किया.
फिर जब वो दोनो बाहर आए, तब मामी बोहोट ताकि हुई थी. पेर रवि अभी भी संतुष्ट नही था. उसमें अभी भी बोहोट ताकत थी. उसने मामी को कपड़े फेने के लिए बोला और मामी ने हम दोनो को जागया और बोला की मामी के बेटे यानी, आदि, का ख़याल रखना. “में आई 1-2 घंटे में.”
तब में को घर मे रहा नही जा रहा था. तब में वो दोनो के पीछे पीछे चला गया और रवि मामी को उसके गोडोवन् मे लेके गया जहा उसका सारा दूध था. में केसे ना केसे गोडोवन् में गुस्सा और ताकि ज़की करने लग गया. और वाहा पे एक बात टब जेसा एक टब था. उसने मामी को वापस नंगा किया और मामी को अपने कहनड़ो पेर उठा कर वो दूध के तब में लेकर गया और उसने अपना 9 इंच का लंड मामी के छूट में डाला.
इस बार मामी बोहोट जोरो जोरो से चिक रही थी. उसके आवाज़ में वो समाज रहा था वो कितना दर्द में थी. बिचारी मेरी मामी उसने वापस करीब 1 घंटे तक छोड़ा और उन दोनो ने अपना पानी वो दूध में हे छोड़ दिया. इससबार वो रवि भी तक गया था. मामी को लगातार छोड़ते छोड़ते उसकी ताक़त ख़तम होगयइ थी. यूयेसेस दिन मेने अपनी मामी की एक अंदर की औरत देखी जो सेक्स के लिए बोहोट बुखी थी.
तब वो दोनो दूध से नाहकेर बाहर आए और एक दूसरे का बदन छत छत के सॉफ किया और तब मेको रवि ने देखा और वो मेरी तरफ आया और उसने वो मुज़े मामी के पास ले गया और उसके दिमाग़ में एक मसाला पाक रहा था. उसने मुज़े नंगा किया और बोला, “मामी के बूब्स सक कर.”
मुज़े उसकी बात माननी पाडी और मे मामी के बूब्स सक करने लगा. मेने करीब 10 मिनिट सक किया. फिर रवि ने मामी को उठाया और वाहा पे एक पलंग था वाहा पटका और वो मामी के नीचे और मामी उसके उप्र, यानी, वो दोनो 69 पोज़िशन में थे. और रवि मुज़े बोला अपनी लंड मामी के गंद के हॉलीइन गुस्सा फेले में दाता.
फिर में मामी की गंद मे धक्का देने लग गया और मामी ने फेली बार गंद में लिया था. तो वो काफ़ी चिल्ला रही थी. तो रवि ने अपना लंड मामी के मूह में गुस्सा दिया और अपना पानी छोड़ दिया. और मामी ने वो कम पी लिया. 10 मिनिट बाद, मेने भी अपना पानी मामी के गंद में छोड़ दिया.
फिर ये सब होने बाद, उसने मेको और मामी को जाने दिया और मामी ने मुज़े कहा, “प्लीज़, अपने मामा को मॅट बताना. में तुम्हे जो चाहिए, वो दूँगी.” इसलिए मेने अपना मूह बंद रखा और 5-6 दीनो बाद, में भी अपने घर मुंबई चला गया. पेर वो किस्सा सुन कर अभी भी में हिलता हू.
तो मे जब 19 साल का था, हमारे घार में कम चालू होने के बाजेसे मे अपनी मामी का यहा रहने गया.
इंट्रोडक्षन ऑफ मामी: हेर नामे इस रोहिणी आंड हेर स्किन कलर वाज़ लाइट वाइट. बोहोट गोरी थी वो और उनका फिगर वाज़ 34-30-36. शी वाज़ अट्रॅक्टिव आंड ब्यूटिफुल लेडी. हेर आगे वाज़ 36.
मामी को एक बेटा भी था 6 साल का और मेरे मामा देल्ही मे थे. उनका वाहा बिज़्नेस था और वो ज़्यादा मामी को टाइम नही दे पाते थे. तो मेने अपने मामी को भोथ बार ब्रा और पेटिकोट पे देखा करता क्यूकी एक हे रूम में रहा करते. तो कपड़े बदलने के लिए अलग रूम नही था.
तो मामी दूधवाला (रवि) को बस 1-2 दिन फेले हे लगाया था जब मे आने से फेले वो 9 बजे के करीब आया कर ता था. तब मे और मामी का लड़का बेड पेर सोया करते थे. मामी दूधेवाले के लिए डोर ओपन रखती थी. मेने देखा वो बोहोट लंबा था और उसकी स्किन ब्राउन थी और उसकी आगे 40 और सर पेर एक भी बाल नही था. पेर फिर भी वो अट्रॅक्टिव था. उसके 6 फ्ट हाइट वजेसे मामी उससे बड़े प्यार से बातें करती थी और वो भी मामी से फ्लर्ट करता था.
मुज़े यह देखके बोहोट गुस्सा आता था बुत में क्या हे कर सकता था. फिर उनका यह रोज चालू हे रहेता था. मे यह सब सोने के आक्टिंग करने के बहाना सब देखता था. फिर एक बार मामी जल्दी नहाने गयी. करीब 8:30 को और वो 8:55 को बाहर आई और उसने जन्मुजके शायद डोर बस बंद किया और काफ़ी नही लगयइ. तब उसने उप्र ब्रा और नीचे पेटिकोट फीना. उतने में हे रवि आगया. उसने डोर खोला और देखा मामी ब्रा और पेटिकोट पे थी.
मामी की नेवेल और बूब्स दिखे आ रहे थे. मामी के बस निपल ढके हुए थे. वो देखते हे रहे गया और मामी अपने आप को धक ने का भी प्रेज़ नही कर रही थी. उसको मज़ा आ रहा था. वो वेसए हे दूध का पॅकेट लेने गयी रवि के हाथ से और रवि मामी को उपेर से नीचे तक देख रहा था.
मेने उसकी आखों में हवस देखी. उसने अपना वक्त बर्बाद ना किया मामी का हाथ पकड़ा और उसको अपने तरफ खिचके मामी के रसीली लिप्स चूमने लगा. मामी भी उसके लिप्स चूम रही थी और फिर रवि की नज़र जब मेरे पेर गयइ, तब वो मामी को बातरूम में ले गया.
मामी का घर भले छोटा था; बस बातरूम काफ़ी बड़ा था. तो रवि मामी को बातरूम में ले जाकर चूमने लगा. तब मे आया और एक टेबल पर चड़ा और बातरूम के ताकि उपेर चड़ा और वाहा पेर एक होल था. वाहा से सब दिखा था बातरूम का.
तो रवि अपनी ताकत लगा कर मामी का बदन दबा रहा था और उसने मामी के लिप्स चूम चूम कर खून आने लगा. वो क़िस्सी जानवर से कम नही था. फिर उसने मामी के आर्म्पाइट्स चाटना शुरू किया. मामी के अंप्रीतस से खुसबू आती थी. वो मामी को अंप्रीतस के बाल अपने दातों से उखाड़ दिए और आने वेल खून को छत रहा था और उसने मामी के बदन पेर बोहोट काटा. उसने मामी के बूब्स और निपल करीब 30 मिनिट तक सक किया और फिर में टेबल की मदात से नीचे आया और बेड पेर सोने की नाटक किया.
फिर जब वो दोनो बाहर आए, तब मामी बोहोट ताकि हुई थी. पेर रवि अभी भी संतुष्ट नही था. उसमें अभी भी बोहोट ताकत थी. उसने मामी को कपड़े फेने के लिए बोला और मामी ने हम दोनो को जागया और बोला की मामी के बेटे यानी, आदि, का ख़याल रखना. “में आई 1-2 घंटे में.”
तब में को घर मे रहा नही जा रहा था. तब में वो दोनो के पीछे पीछे चला गया और रवि मामी को उसके गोडोवन् मे लेके गया जहा उसका सारा दूध था. में केसे ना केसे गोडोवन् में गुस्सा और ताकि ज़की करने लग गया. और वाहा पे एक बात टब जेसा एक टब था. उसने मामी को वापस नंगा किया और मामी को अपने कहनड़ो पेर उठा कर वो दूध के तब में लेकर गया और उसने अपना 9 इंच का लंड मामी के छूट में डाला.
इस बार मामी बोहोट जोरो जोरो से चिक रही थी. उसके आवाज़ में वो समाज रहा था वो कितना दर्द में थी. बिचारी मेरी मामी उसने वापस करीब 1 घंटे तक छोड़ा और उन दोनो ने अपना पानी वो दूध में हे छोड़ दिया. इससबार वो रवि भी तक गया था. मामी को लगातार छोड़ते छोड़ते उसकी ताक़त ख़तम होगयइ थी. यूयेसेस दिन मेने अपनी मामी की एक अंदर की औरत देखी जो सेक्स के लिए बोहोट बुखी थी.
तब वो दोनो दूध से नाहकेर बाहर आए और एक दूसरे का बदन छत छत के सॉफ किया और तब मेको रवि ने देखा और वो मेरी तरफ आया और उसने वो मुज़े मामी के पास ले गया और उसके दिमाग़ में एक मसाला पाक रहा था. उसने मुज़े नंगा किया और बोला, “मामी के बूब्स सक कर.”
मुज़े उसकी बात माननी पाडी और मे मामी के बूब्स सक करने लगा. मेने करीब 10 मिनिट सक किया. फिर रवि ने मामी को उठाया और वाहा पे एक पलंग था वाहा पटका और वो मामी के नीचे और मामी उसके उप्र, यानी, वो दोनो 69 पोज़िशन में थे. और रवि मुज़े बोला अपनी लंड मामी के गंद के हॉलीइन गुस्सा फेले में दाता.
फिर में मामी की गंद मे धक्का देने लग गया और मामी ने फेली बार गंद में लिया था. तो वो काफ़ी चिल्ला रही थी. तो रवि ने अपना लंड मामी के मूह में गुस्सा दिया और अपना पानी छोड़ दिया. और मामी ने वो कम पी लिया. 10 मिनिट बाद, मेने भी अपना पानी मामी के गंद में छोड़ दिया.
फिर ये सब होने बाद, उसने मेको और मामी को जाने दिया और मामी ने मुज़े कहा, “प्लीज़, अपने मामा को मॅट बताना. में तुम्हे जो चाहिए, वो दूँगी.” इसलिए मेने अपना मूह बंद रखा और 5-6 दीनो बाद, में भी अपने घर मुंबई चला गया. पेर वो किस्सा सुन कर अभी भी में हिलता हू.