- Joined
- Dec 12, 2024
- Messages
- 649
- Reaction score
- 4
- Points
- 18
नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम विशाल है, और मई वाराणसी का हू. मेरी एजुकेशन आंड अप्ब्राइंगिंग वाराणसी मे हुई है, आंड लकिली, ई गॉट आ सीट इन भू – वाराणसी. आफ्टर तट, मई बंगलोरे आगया जॉब की वजह से.
तो चलिए शुरू करते. अपने लंड/क्लिट को सहलाने क लिए तैयार हो जाइए.
ये रियल कहानी बता रहा हू मई आपको, आंड ये मेरा फर्स्ट सेक्स एनकाउंटर था मेरी फर्स्ट गर्लफ्रेंड क साथ, आंड वी बोत वर वर्जिन. ये बात उन दीनो की है जब मई कॉलेज मे था (2022, फर्स्ट हाफ). प्लेस्मेंट्स लग चुके थे तो उतना टेन्षन था नही किसी बात का. क्लासस भी ऑनलाइन चल रहे थे.
मेरी बात शुरू हुई एक बंदी से. साक्षी नाम था उसका. इनिशियली तो तोड़ा बहुत ही बात हुआ, बुत 1-2 महीने मे कफफी क्लोज़ आगये हम. हम फ्रीक्वेंट्ली मिलने लगे, आंड वी उसे तो शेर आ लॉट ऑफ थिंग्स. फिर एक दिन मेरे रूमेट ने बोला, “भाई, बस घूमता ही रहेगा, या आयेज भी कुछ करना है?”
देन ई थॉट की बात तो सही बोल रहा ये. फिर ई प्लॅंड आ टिमेलिने ऑफ मे, साक्षी क साथ क्लोज़्नेस की, आंड मी रूमेट चॅलेंग्ज्ड मे तो एक्सेक्यूट थे प्लान. प्लान मे स्टेप्स थे रिलेशन्षिप क, लीके घूमना, हग्स, किस्सस, सक्स, आंड फक्स.
फिर मई साक्षी से और फ्रीक्वेंट मिलने लगा. हम हाथ पकड़ क कॅंपस मे घूमने लगे. जो लोग वाराणसी क आस पास क होंगे, उन्हे पता होगा की कितना बड़ा और जंगल वाला कॅंपस है भू का और उसके अंदर हमारा डिपार्टमेंट है.
फिर वो हसीन दिन आ ही गया, जब हमने नेक्स्ट लेवेल दिया अपने रिलेशन्षिप को. उस दिन दोपहर मे साक्षी का मेसेज आया, शाम मे मिलने का. उस दिन कुछ ज़्यादा एग्ज़ाइटेड भी लग रही थी वो. उसने बोला की, “नाइट आउट करते है.” मेरे मान मे तभी से लड्डू फूटने लगे बिकॉज़ वाराणसी मे नाइट आउट इस नेक्स्ट लेवेल. अस्सी घाट पे गंगा जी क किनारे बैठने का सुकून वो भी अपने महबूबा क साथ. और मैने मान मे तभी से सेक्स का भूत चढ़ने लगा था.
फाइनली, मई रेडी हुआ शाम क लिए. ई मीन दाढ़ी, बाल कटा क हीरो बन गया. शाम को मई उसे पिक करने बिके लेके उसके हॉस्टिल चला गया. जब मई उसे मिला, तो साक्षी को देखता ही रह गया. क्या माल लग रही थी उस दिन वो. उसने एकद्ूम टाइट ब्लॅक जीन्स और डीप नेक तोड़ा ट्रॅन्स्परेंट स्काइ-ब्लू कलर की कुरती, खुले बाल, आँखो मे काजल, एएलिने, लिपस्टिक, मतलब एकद्ूम बवाल यार.
और मैने उसकी बॉडी क बारे मे तो आपको बताया ही नही. वो एकद्ूम पटाखा है, वित प्रॉपर असेट्स आंड शेप्स.
मैने उसे ग्रीट आंड साइड हग किया. फिर वो मेरे पीछे बैठी, और मुझे ज़ोर से हग किया. ई कुड फील हेर बूब्स. मैने उसे पूछा, “कहा चले?” तो उसन्ने बोला की, “डिपार्टमेंट साइड ही चल लो.” तो मैने अपनी डिपार्टमेंट साइड, जहा सुन-सन हो, वाहा लेके गया उसे, बिके पार्क की, और स्टेर्स पे बैठ गये हम.
अंधेरा होने लगा था, आंड उस एरिया मे लाइट्स नही थी, आंड वाहा पे कोई आता नही था. जनरली, Pह्ड वेल स्टूडेंट्स रत मे लब आते रहते है. तो लब फर्स्ट फ्लोर पे थी आंड उसका स्टेर्स दूसरे साइड से था. इनिशियली, वो पूछती रहती थी, “कोई आगया तो? कोई गुआर्द हमे यहा से भागने लगा तो क्या होगा?”
मैने उसे सांत्वना दिया की, “कुछ नही होगा. हमारा ही कॉलेज है ये. हमारा ही कॅंपस है.” तो स्टेर्स पे बैठे बैठे हम ऐसे ही जनरल बाते करने लगे. हम एकद्ूम चिपक कर बैठे थे. चूड़ने की आग तो उसके अंदर भी लगी थी.
फिर हमने पूरे नाइट आउट का प्लान डिसाइड किया, की कुछ टाइम तक यही बैठेंगे, और फिर डिन्नर क लिए चॅलेंज और भी अस्सी घाट पे बैठके मज़े करेंगे. हम एक दूसरे का हाथ पकड़ का बैठे थे. फिर बातो ही बातो मे मैने उसके कंधे पे हाथ रखा और उसको साइड हग करने लगा.
पहले तो साक्षी शर्मा गयी. फिर जब उसने देखा की आस पास कोई नही है, तो वो रिलॅक्स हो गयी. मैने हिम्मत करके बोला, “यार, तेरे होत बहुत प्ययरे है. मान करता है खा जौ इन्हे.” फिर, शी रेस्पॉंडेड पॉज़िटिव्ली, “माना किसने किया है?” फिर क्या था? मैने चारो तरफ देखा, एनफ अंधेरा था, कोई कॅमरा वग़ैरा नही था, आंड किसी इंसान क प्रेज़ेन्स फील नही हो रही थी.
मैने सडन्ली अपने होत उसके होत पे रख दिए, और दोस्तो, वो एकद्ूम स्वर्ग वाली फीलिंग थी. शरम क मारे उसने अपनी आँखे बंद कर ली, और हमने किस करा होगा अप्रॉक्सिमेट्ली 25-30 सेकेंड्स तक. बिकॉज़ हमे भी किस करना न्ही आता था, वी जस्ट ट्राइड सकिंग ईच अदर’स लिप्स.
फिर वाहा पे हमने अलग अलग पोज़िशन मे किस किया, लीके पहले तो साइड मे बैठ क डीप स्मूद, फिर हमने खड़ा होके किस किया उसके कमर को अपने कमर मे चिपका क. और सबसे इनटेन्स तो तब हुआ जाम मई उसके पीछे गया, उसकी चुचियो को हाथ आयेज करके मसालने लगे, अपने लंड उसकी गंद मे चिपका क रगड़ने लगा और धक्का देके दीवाल क सहारे साथ कर दिया उसको. और वो साइड मे फेस करके किस किए जा रही थी.
मैने उसकी गंद पे इतना ज़ोर से लंड रग़ाद रहा था की जीन्स क उपर से वो महसूस कर पा रही थी और सिसकिया ले रही थी. हमने काफ़ी एंजाय किया, और ढेर सारी बाते भी की. फिर डिन्नर का टाइम हुआ था. हम डिन्नर क लिए लंका पे किसी रेस्टोरेंट मे गये, पेट भर खाना खाया, और वाहा से अस्सी घाट चले गये.
इन सबमे अराउंड 10:30 पीयेम होगया था. हम अस्सी घाट पे जाके चिपक क बैठे थे, और लोग आते जाते हमे ही घूर रहे थे. फिर हमे अनकंफर्टबल लगा और हम थोड़ी दूरी बना का बैठ गये. और हम अलग अलग टॉपिक्स पे बात करने लगे.
फिर ई स्टार्टेड डिस्कसिंग थे मोमेंट विच वी हद बिफोर डिन्नर. वो शरमाने लगी थी. मैने पूछा, “तो क्या इरादा है देवी जी का?” उसने बोला, “इरादा तो बहुत कुछ है, पर सही समय आने पर, अभी नही.” पर उसके फेस पे ब्लशिंग हो रही थी. वो शर्मा भी रही थी और अछा भी महसूस कर रही थी.
तोड़ा टाइम और बिता. फिर उसे नींद आने लगी. इन फॅक्ट, नींद तो मुझे भी आ रही थी, पर मई मॅनेज किया. कुछ और टाइम तो कंट्रोल करने क बाद वो बोली, “यार, बहुत तेज़ नींद आ रही है, क्या करू? मेरे हॉस्टिल का गाते भी बंद होगया होगा.”
मैने उसको बोला, “यदि कंफर्टबल हो तो कही रूम/होटेल बुक कर ले,” और उसने ‘हन’ मे सिर हिलाया. फिर हमने होटेल बुक किया, कॉल करके कन्फर्म किया और हम बिके लेके होटेल जाने लगे. रास्ते मे मैने बोला, “यार, हमारे बीच कुछ कुछ होगया तो, हम प्रोटेक्षन लेके रख ले क्या?” वो बोली, “नही नही, कुछ नही होगा. तुम चलो, बस. मुझे सोना है.”
मैने बोला, “ठीक है, यार. लेके रखने मे क्या प्राब्लम होगी?” उसने बोला, “ठीक है, लेलो. लेकिन बहुत हरामी होते जा रहे हो तुम आज कल.” मैने बोला, “यार, तेरा प्यार और तेरी ये ह्टनेस जो ना करवा दे मुझसे.” वो शरमाने लगी थी. फिर हमने एक मेडिकल स्टोर से प्रोटेक्षन खरीदा और होटेल चले गये.
फ़ॉर्मलथीएस करने बाद हमे रूम मिल गया, आंड वी फेल्ट रिलॅक्स्ड. एसी ओं थी. साक्षी वॉशरूम गयी, और आके सो गयइ. मई भी फ्रेश होके, उसके पास गया आंड ई ट्राइड तो हग हेर. तो उसने भी हग किया. फिर हमने डीप लीप किस की. और बहुत इनटेन्स था वो; मतलब, हम लिटरली एक दूसरे क होतो को खा गये थे.
उसकी पूरी बॉडी रेस्पॉंड कर रही थी उस किस पे. फिर मैने उसके गले पे, कान पे, चीक्स पे, माथे पे ढेर सारी किस्सस की. वो गरम होने लगी थी. उसकी साँसे तेज़ होने लगी थी. फिर उसने बोला की, “लाइट ऑफ करदो.” मैने बोला, “नही, यार. मुझे अपने जान की खूबसूरती देखनी है.” पर थोड़े टाइम बाद उसने फिर बोला, तो मैने ऑफ करदी लाइट और एक दीं लाइट ओं करदी.
उसके नेक पे किस करते करते, मैने कंधे से उसकी कुरती साइड की और किस किया वाहा. वो शरमाने लगी थी, और अपनी आँखे बंद कर दी थी. उसकी लिपस्टिक तो मई खा गया था, बुत उसकी काजल और आइलाइनर उसे अभी भी पारी बना रही थी.
फिर मई तुरंत कॉंडम पहन क आगया. पहली बार थी तो मई भी तोड़ा डरा हुआ था. उसकी छूट पहले से बहुत ज़्यादा गीली और गरम थी. मैने अपना लंड डालने का ट्राइ किया, तो थोड़ी प्राब्लम हुई. हमे पता ही नही था क्या आंगल और डाइरेक्षन होनी चाहिए.
फिर मैने उसके पैरो को अपने कंधे पे रखा और धीरे धीरे उसकी छूट पे अपना लंड दबाने लगा. उसे तोड़ा दर्द हुआ तो मुझे भी बुरा लगने लगा. फिर मैने तोड़ा प्रेस किया तो लंड का टॉप अंदर फसा, और वो दर्द से चिल्लाने लगी. मुझे दर लगने लगा की कही कुछ दिककत ना हो जाए.
वो चिल्लाने लगी, “निकालो, निकालो!” मैने सोचा ये सही टाइम है, तोड़ा सा लंड घुसा था, और मैने अपनी पूरी बॉडी का वजह दल दिया अपने लंड पे. वो उसकी छूट की दीवारो को फड़ते हुए अंदर तक घुसा.
मैने उसकी हेल्प की वॉशरूम तक जाने मे. हमने क्लीन किया अपनी बॉडी और आके ब्लंकेट मे सो गये. कसम से इतनी गहरी नींद आई थी ना की क्या बतौ. एकद्ूम हेवेन वाली फीलिंग आ रही थी. सुबह जब हमारी नींद खुली, हम दोनो ही खुश थे, और सुबह मे लंड टाइट ही रहता है.
मई उसे वापपस से किस करने लगा तो उसने माना कर दिया. फिर मई उसकी बूब्स सक करने लगा. वो गरम होने लगी थी. थोड़े टाइम बाद उसने खुद बोला, “मेरा उपर सो जाओ.” मई उसके उपर जाके चुम्मा-छाती जारी रखा.
फिर वो मोनिंग स्टार्ट की, तो मैने उसके क्लिट को सहलाया, आंड शी वाज़ रेडी अगेन. मई तुरंत कॉंडम पहन का आगया. थोड़ी सी प्राब्लम हुई घुसते टाइम. फिर उसके बाद उसकी छूट की जो गर्मी और टाइटनेस फील हो रही थी, मई बता नही सकता. एकद्ूम स्वर्ग जैसा लग रहा था. और हमने सुबह सुबह अची चुदाई की, और धक्के लगाने मे मज़ा भी आ रहा था.
साक्षी भी मोन कर र्ही थी, पूरा रोमॅंटिक माहौल बना हुआ था. इस बार लंबी चली हमारी चुदाई. ईवन वी ट्राइड फॉर डॉगी बुत उसे पाईं हो रहा था तो मैने भी फोर्स नही किया. पर वो खुश थी. और फिर हमने चुदाई ख़तम करके तोड़ा रेस्ट किए, आंड फिर होटेल से निकल गये बिकॉज़ उसकी क्लास थी सुबह मे 10 बजे से. ई डॉन’त नो क्लास मे फोकस कर पाई होगी की नही वो, बुत शी गॉट अटेंडेन्स.
तो ये रही मेरी पहली सेक्स की सम्मरी. ऑल्दो ई हद फ्यू मोरे अफेर्स इन बंगलोरे, ई’ल्ल राइट अबौट देम इफ़ ई गेट डीसेंट फीडबॅक, बुत पहला पहला ही होता है. मई ज़िंदगी भर नही भूल सकता उन मोमेंट्स को.
आप अपने फीडबॅक्स मुझे मैल ज़रूर करिएगा इस ईद पे: यरेअचूस@गमाल.कॉम
तो चलिए शुरू करते. अपने लंड/क्लिट को सहलाने क लिए तैयार हो जाइए.
ये रियल कहानी बता रहा हू मई आपको, आंड ये मेरा फर्स्ट सेक्स एनकाउंटर था मेरी फर्स्ट गर्लफ्रेंड क साथ, आंड वी बोत वर वर्जिन. ये बात उन दीनो की है जब मई कॉलेज मे था (2022, फर्स्ट हाफ). प्लेस्मेंट्स लग चुके थे तो उतना टेन्षन था नही किसी बात का. क्लासस भी ऑनलाइन चल रहे थे.
मेरी बात शुरू हुई एक बंदी से. साक्षी नाम था उसका. इनिशियली तो तोड़ा बहुत ही बात हुआ, बुत 1-2 महीने मे कफफी क्लोज़ आगये हम. हम फ्रीक्वेंट्ली मिलने लगे, आंड वी उसे तो शेर आ लॉट ऑफ थिंग्स. फिर एक दिन मेरे रूमेट ने बोला, “भाई, बस घूमता ही रहेगा, या आयेज भी कुछ करना है?”
देन ई थॉट की बात तो सही बोल रहा ये. फिर ई प्लॅंड आ टिमेलिने ऑफ मे, साक्षी क साथ क्लोज़्नेस की, आंड मी रूमेट चॅलेंग्ज्ड मे तो एक्सेक्यूट थे प्लान. प्लान मे स्टेप्स थे रिलेशन्षिप क, लीके घूमना, हग्स, किस्सस, सक्स, आंड फक्स.
फिर मई साक्षी से और फ्रीक्वेंट मिलने लगा. हम हाथ पकड़ क कॅंपस मे घूमने लगे. जो लोग वाराणसी क आस पास क होंगे, उन्हे पता होगा की कितना बड़ा और जंगल वाला कॅंपस है भू का और उसके अंदर हमारा डिपार्टमेंट है.
फिर वो हसीन दिन आ ही गया, जब हमने नेक्स्ट लेवेल दिया अपने रिलेशन्षिप को. उस दिन दोपहर मे साक्षी का मेसेज आया, शाम मे मिलने का. उस दिन कुछ ज़्यादा एग्ज़ाइटेड भी लग रही थी वो. उसने बोला की, “नाइट आउट करते है.” मेरे मान मे तभी से लड्डू फूटने लगे बिकॉज़ वाराणसी मे नाइट आउट इस नेक्स्ट लेवेल. अस्सी घाट पे गंगा जी क किनारे बैठने का सुकून वो भी अपने महबूबा क साथ. और मैने मान मे तभी से सेक्स का भूत चढ़ने लगा था.
फाइनली, मई रेडी हुआ शाम क लिए. ई मीन दाढ़ी, बाल कटा क हीरो बन गया. शाम को मई उसे पिक करने बिके लेके उसके हॉस्टिल चला गया. जब मई उसे मिला, तो साक्षी को देखता ही रह गया. क्या माल लग रही थी उस दिन वो. उसने एकद्ूम टाइट ब्लॅक जीन्स और डीप नेक तोड़ा ट्रॅन्स्परेंट स्काइ-ब्लू कलर की कुरती, खुले बाल, आँखो मे काजल, एएलिने, लिपस्टिक, मतलब एकद्ूम बवाल यार.
और मैने उसकी बॉडी क बारे मे तो आपको बताया ही नही. वो एकद्ूम पटाखा है, वित प्रॉपर असेट्स आंड शेप्स.
मैने उसे ग्रीट आंड साइड हग किया. फिर वो मेरे पीछे बैठी, और मुझे ज़ोर से हग किया. ई कुड फील हेर बूब्स. मैने उसे पूछा, “कहा चले?” तो उसन्ने बोला की, “डिपार्टमेंट साइड ही चल लो.” तो मैने अपनी डिपार्टमेंट साइड, जहा सुन-सन हो, वाहा लेके गया उसे, बिके पार्क की, और स्टेर्स पे बैठ गये हम.
अंधेरा होने लगा था, आंड उस एरिया मे लाइट्स नही थी, आंड वाहा पे कोई आता नही था. जनरली, Pह्ड वेल स्टूडेंट्स रत मे लब आते रहते है. तो लब फर्स्ट फ्लोर पे थी आंड उसका स्टेर्स दूसरे साइड से था. इनिशियली, वो पूछती रहती थी, “कोई आगया तो? कोई गुआर्द हमे यहा से भागने लगा तो क्या होगा?”
मैने उसे सांत्वना दिया की, “कुछ नही होगा. हमारा ही कॉलेज है ये. हमारा ही कॅंपस है.” तो स्टेर्स पे बैठे बैठे हम ऐसे ही जनरल बाते करने लगे. हम एकद्ूम चिपक कर बैठे थे. चूड़ने की आग तो उसके अंदर भी लगी थी.
फिर हमने पूरे नाइट आउट का प्लान डिसाइड किया, की कुछ टाइम तक यही बैठेंगे, और फिर डिन्नर क लिए चॅलेंज और भी अस्सी घाट पे बैठके मज़े करेंगे. हम एक दूसरे का हाथ पकड़ का बैठे थे. फिर बातो ही बातो मे मैने उसके कंधे पे हाथ रखा और उसको साइड हग करने लगा.
पहले तो साक्षी शर्मा गयी. फिर जब उसने देखा की आस पास कोई नही है, तो वो रिलॅक्स हो गयी. मैने हिम्मत करके बोला, “यार, तेरे होत बहुत प्ययरे है. मान करता है खा जौ इन्हे.” फिर, शी रेस्पॉंडेड पॉज़िटिव्ली, “माना किसने किया है?” फिर क्या था? मैने चारो तरफ देखा, एनफ अंधेरा था, कोई कॅमरा वग़ैरा नही था, आंड किसी इंसान क प्रेज़ेन्स फील नही हो रही थी.
मैने सडन्ली अपने होत उसके होत पे रख दिए, और दोस्तो, वो एकद्ूम स्वर्ग वाली फीलिंग थी. शरम क मारे उसने अपनी आँखे बंद कर ली, और हमने किस करा होगा अप्रॉक्सिमेट्ली 25-30 सेकेंड्स तक. बिकॉज़ हमे भी किस करना न्ही आता था, वी जस्ट ट्राइड सकिंग ईच अदर’स लिप्स.
फिर वाहा पे हमने अलग अलग पोज़िशन मे किस किया, लीके पहले तो साइड मे बैठ क डीप स्मूद, फिर हमने खड़ा होके किस किया उसके कमर को अपने कमर मे चिपका क. और सबसे इनटेन्स तो तब हुआ जाम मई उसके पीछे गया, उसकी चुचियो को हाथ आयेज करके मसालने लगे, अपने लंड उसकी गंद मे चिपका क रगड़ने लगा और धक्का देके दीवाल क सहारे साथ कर दिया उसको. और वो साइड मे फेस करके किस किए जा रही थी.
मैने उसकी गंद पे इतना ज़ोर से लंड रग़ाद रहा था की जीन्स क उपर से वो महसूस कर पा रही थी और सिसकिया ले रही थी. हमने काफ़ी एंजाय किया, और ढेर सारी बाते भी की. फिर डिन्नर का टाइम हुआ था. हम डिन्नर क लिए लंका पे किसी रेस्टोरेंट मे गये, पेट भर खाना खाया, और वाहा से अस्सी घाट चले गये.
इन सबमे अराउंड 10:30 पीयेम होगया था. हम अस्सी घाट पे जाके चिपक क बैठे थे, और लोग आते जाते हमे ही घूर रहे थे. फिर हमे अनकंफर्टबल लगा और हम थोड़ी दूरी बना का बैठ गये. और हम अलग अलग टॉपिक्स पे बात करने लगे.
फिर ई स्टार्टेड डिस्कसिंग थे मोमेंट विच वी हद बिफोर डिन्नर. वो शरमाने लगी थी. मैने पूछा, “तो क्या इरादा है देवी जी का?” उसने बोला, “इरादा तो बहुत कुछ है, पर सही समय आने पर, अभी नही.” पर उसके फेस पे ब्लशिंग हो रही थी. वो शर्मा भी रही थी और अछा भी महसूस कर रही थी.
तोड़ा टाइम और बिता. फिर उसे नींद आने लगी. इन फॅक्ट, नींद तो मुझे भी आ रही थी, पर मई मॅनेज किया. कुछ और टाइम तो कंट्रोल करने क बाद वो बोली, “यार, बहुत तेज़ नींद आ रही है, क्या करू? मेरे हॉस्टिल का गाते भी बंद होगया होगा.”
मैने उसको बोला, “यदि कंफर्टबल हो तो कही रूम/होटेल बुक कर ले,” और उसने ‘हन’ मे सिर हिलाया. फिर हमने होटेल बुक किया, कॉल करके कन्फर्म किया और हम बिके लेके होटेल जाने लगे. रास्ते मे मैने बोला, “यार, हमारे बीच कुछ कुछ होगया तो, हम प्रोटेक्षन लेके रख ले क्या?” वो बोली, “नही नही, कुछ नही होगा. तुम चलो, बस. मुझे सोना है.”
मैने बोला, “ठीक है, यार. लेके रखने मे क्या प्राब्लम होगी?” उसने बोला, “ठीक है, लेलो. लेकिन बहुत हरामी होते जा रहे हो तुम आज कल.” मैने बोला, “यार, तेरा प्यार और तेरी ये ह्टनेस जो ना करवा दे मुझसे.” वो शरमाने लगी थी. फिर हमने एक मेडिकल स्टोर से प्रोटेक्षन खरीदा और होटेल चले गये.
फ़ॉर्मलथीएस करने बाद हमे रूम मिल गया, आंड वी फेल्ट रिलॅक्स्ड. एसी ओं थी. साक्षी वॉशरूम गयी, और आके सो गयइ. मई भी फ्रेश होके, उसके पास गया आंड ई ट्राइड तो हग हेर. तो उसने भी हग किया. फिर हमने डीप लीप किस की. और बहुत इनटेन्स था वो; मतलब, हम लिटरली एक दूसरे क होतो को खा गये थे.
उसकी पूरी बॉडी रेस्पॉंड कर रही थी उस किस पे. फिर मैने उसके गले पे, कान पे, चीक्स पे, माथे पे ढेर सारी किस्सस की. वो गरम होने लगी थी. उसकी साँसे तेज़ होने लगी थी. फिर उसने बोला की, “लाइट ऑफ करदो.” मैने बोला, “नही, यार. मुझे अपने जान की खूबसूरती देखनी है.” पर थोड़े टाइम बाद उसने फिर बोला, तो मैने ऑफ करदी लाइट और एक दीं लाइट ओं करदी.
उसके नेक पे किस करते करते, मैने कंधे से उसकी कुरती साइड की और किस किया वाहा. वो शरमाने लगी थी, और अपनी आँखे बंद कर दी थी. उसकी लिपस्टिक तो मई खा गया था, बुत उसकी काजल और आइलाइनर उसे अभी भी पारी बना रही थी.
फिर मई तुरंत कॉंडम पहन क आगया. पहली बार थी तो मई भी तोड़ा डरा हुआ था. उसकी छूट पहले से बहुत ज़्यादा गीली और गरम थी. मैने अपना लंड डालने का ट्राइ किया, तो थोड़ी प्राब्लम हुई. हमे पता ही नही था क्या आंगल और डाइरेक्षन होनी चाहिए.
फिर मैने उसके पैरो को अपने कंधे पे रखा और धीरे धीरे उसकी छूट पे अपना लंड दबाने लगा. उसे तोड़ा दर्द हुआ तो मुझे भी बुरा लगने लगा. फिर मैने तोड़ा प्रेस किया तो लंड का टॉप अंदर फसा, और वो दर्द से चिल्लाने लगी. मुझे दर लगने लगा की कही कुछ दिककत ना हो जाए.
वो चिल्लाने लगी, “निकालो, निकालो!” मैने सोचा ये सही टाइम है, तोड़ा सा लंड घुसा था, और मैने अपनी पूरी बॉडी का वजह दल दिया अपने लंड पे. वो उसकी छूट की दीवारो को फड़ते हुए अंदर तक घुसा.
मैने उसकी हेल्प की वॉशरूम तक जाने मे. हमने क्लीन किया अपनी बॉडी और आके ब्लंकेट मे सो गये. कसम से इतनी गहरी नींद आई थी ना की क्या बतौ. एकद्ूम हेवेन वाली फीलिंग आ रही थी. सुबह जब हमारी नींद खुली, हम दोनो ही खुश थे, और सुबह मे लंड टाइट ही रहता है.
मई उसे वापपस से किस करने लगा तो उसने माना कर दिया. फिर मई उसकी बूब्स सक करने लगा. वो गरम होने लगी थी. थोड़े टाइम बाद उसने खुद बोला, “मेरा उपर सो जाओ.” मई उसके उपर जाके चुम्मा-छाती जारी रखा.
फिर वो मोनिंग स्टार्ट की, तो मैने उसके क्लिट को सहलाया, आंड शी वाज़ रेडी अगेन. मई तुरंत कॉंडम पहन का आगया. थोड़ी सी प्राब्लम हुई घुसते टाइम. फिर उसके बाद उसकी छूट की जो गर्मी और टाइटनेस फील हो रही थी, मई बता नही सकता. एकद्ूम स्वर्ग जैसा लग रहा था. और हमने सुबह सुबह अची चुदाई की, और धक्के लगाने मे मज़ा भी आ रहा था.
साक्षी भी मोन कर र्ही थी, पूरा रोमॅंटिक माहौल बना हुआ था. इस बार लंबी चली हमारी चुदाई. ईवन वी ट्राइड फॉर डॉगी बुत उसे पाईं हो रहा था तो मैने भी फोर्स नही किया. पर वो खुश थी. और फिर हमने चुदाई ख़तम करके तोड़ा रेस्ट किए, आंड फिर होटेल से निकल गये बिकॉज़ उसकी क्लास थी सुबह मे 10 बजे से. ई डॉन’त नो क्लास मे फोकस कर पाई होगी की नही वो, बुत शी गॉट अटेंडेन्स.
तो ये रही मेरी पहली सेक्स की सम्मरी. ऑल्दो ई हद फ्यू मोरे अफेर्स इन बंगलोरे, ई’ल्ल राइट अबौट देम इफ़ ई गेट डीसेंट फीडबॅक, बुत पहला पहला ही होता है. मई ज़िंदगी भर नही भूल सकता उन मोमेंट्स को.
आप अपने फीडबॅक्स मुझे मैल ज़रूर करिएगा इस ईद पे: यरेअचूस@गमाल.कॉम