- Joined
- Dec 12, 2024
- Messages
- 649
- Reaction score
- 4
- Points
- 18
निशा आंटी और में काफ़ी आचे दोस्त थे और हुमारी इंस्टाग्राम पेर अची बात चिट होती थी. मई उनकी फॅमिली के बारे में सब जनता था. उनके 2 बचे थे, 1 लड़का और 1 लड़की. निशा आंटी का फिगर 38-32-40 था जिससे आप अंदाज़ा लगा सकते है, वो एक भरे पूरे शरीर की मालकिन थी. वो दिखने में एक दूं पॉर्न स्तर आवा आडम्स की तरह दिखती थी.
गली के सब मर्द ज़रूर उनको देखा कर हिलाते होंगे और उन्हे छोड़ना कहते होंगे. उनके हज़्बेंड सट्टे का कम करते थे जिसमे उन्हे काफ़ी घटा लगा गया था जिसके कारण वो घर पेर ही पड़े रहते थे. निशा आंटी को किटी में जाना और सोशियल होने का बहुत शौंक था. इससे किए वो हुमेशा एक दूं तैयार होकर टाइट सलवार सूट या वेस्टर्न डाल कर किटी में जाती थी. तब गली में उनके दर्शन होते थे. मॅन तो करता था यही उन्हे पकड़ लू और छोड़ डू.
निशा आंटी अपने पेज पेर फोटोस भी उपलोआड करती थी जिसपे में कॉमेंट करता और उनकी तारीफ करता. इससे हुमारी अची दोस्ती हो गई थी और हम ढेरे ढेरे सब शेर करने लगे थे. एक दिन निशा आंटी का मेसेज आया और हुमारी कॅषुयल बात चालू हुई. फिर उन्होने ढेरे ढेरे मुझसे पेरोसनल सवाल पूछने शुरू कर दिए.
निशा – तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है?
मे – आपके होते मुझे गर्लफ्रेंड की क्या ज़रूरत?
निशा – मतलब?
मे – मतलब, कुछ नही… बस आपको छेड़ रहा हू…
वो मेरी बात समाज तो गई थी, बस उसने रिक्ट नही किया. मैने निशा आंटी के पस्त के बारे में पूछा तो उसने बताया कसे वो कॉलेज में एंजाय करती थी अपने फ्रेंड्स के साथ, और शादी के बाद उसके ज़िंदगी बोरिंग हो गई. उसने अपने एक्स बाय्फ्रेंड के बारे में भी बताया और वो कहा अकेले घूमने गए है वो भी. तभी मुझे समाज आए गया निशा आंटी भी कुछ चाहती है, बस, सही मौका नही मिल रहा.
फिर एक दिन निशा आंटी की बेटी ने कोई कांड कर दिया जिससे वो काफ़ी अपसेट हो गई और परेशन रहने लगी. मैने उनसे पूछा तो वो रोने लगी और कहने लगी, “मई सबसे दुखी हो गई हू. मई मारना चाहती हू.” जैसे तेसे मैने उन्हे संभाला और जोक्स सुनाए जिससे उसका ध्यान हटा और मूड तोड़ा ठीक हुआ.
इसके बाद हम ज़्यादा क्लोज़ आए गए. वो मुझे मेम्स भेजने लगी और में भी उनपे रिप्लाइ देने लगा. ढेरे ढेरे हुमारी छत सेक्स छत में बदल गई और सेक्स छत वीडियो सेक्स में.
वो मुझे रोज़ वीडियो कॉल करती और अपने 38 के बड़े बड़े बूब्स दिखती. उसके बूब्स एक दूं बड़े और गोल थे और बीच में एक बड़ा सा ब्राउन निपल सेक्सी लग रहा था. उनके बूब्स पेर एक तिल तो सोने पे सुहागा था. वो मुझे वीडियो कॉल पेर बूब्स मसालते हुए और छूट में उंगली करती और मई उससे देख के अपना 7 इंच का लंड हिलता.
आएसए काफ़ी दिन चला बुत ढेरे ढेरे ह्यूम एक दूसरे की जिस्म की बुखा बदती जा रही थी. एक दिन निशा आंटी का मेसेज आया के उसके पति और बचे शादी में 2 दीनो के लिए देल्ही जा रहे है और वो कुछ बहाना बना कर यही रुकेगी. तो हम 2 दिन कुछ कर सकते है. मई यह सुन कर बहुत खुश हुआ और निशा आंटी की नंगी फोटोस देख के लंड मसलने लगा.
फिर कुछ दिन बाद, उसका पति और बचे देल्ही के लिए चलाए गए और मैने भी अपने घर पेर कह दिया, “मई 2 दिन के लिए घूमने बाहर जा रहा हू.”
निशा आंटी का मुझे मेसेज आया के, “आए जाओ… मैने गाते खुला छोड़ा है.” मई चुपके से बिना किसी की नज़र में आए उसके घर में चला गया और गाते बंद कर दिया. मई जैसे ही मुड़ा तो मेरे पीछे निशा आंटी टाइट लेगैंग्स और एक शॉर्ट त-शर्ट में खड़ी थी और नॉटी स्माइल दे रही थी. उसके बूब्स उससे त- शर्ट में फटके बाहर आने को हो रहे थे. मैं उन्हे देखता ही रह गया और मेरा लंड पंत में से ही टाइट होने लगा.
मैने दायर ना करते हुए आंटी को पकड़ लिया और एक ज़ोर दर किस किया. वो भी मेरा पूरा साथ देने लगी. हम किस करते करते घर के अंदर आए गए और मैने निशा आंटी को सोफे पेर धक्का दिया और खुद उनके उपेर गिर गया.
निशा – काफ़ी तडपया तुमने मुझे…
मे – बस मेरी जान, बस. सारी तड़प मिटा दूँगा तुम्हारी…
निशा – यह छूट तुम्हारा काब्से इंतेज़ार कर रही थी…
मे – हन… इससे छूट का पानी चकने और इसका भोसड़ा बनाने तो आया हू…
निशा आंटी मेरी बात सुनते ही मुझसे लिपट गई और मेरे होंटो को चूसने लगी; कभी अपनी जीब वो मेरे मुहह में डालती तो कभी मेरी जीब अपने मुहह में.
आएसए करते करते मेरा हाथ निशा आंटी के बूब्स पेर गया और मैने ज़ोर से उन्हे त-शर्ट के उपेर से ही दबा दिया जिससे उसकी छींक निकला गई. बुत मई कहा रुकने वाला था? उससे किस करता रहा और बूब्स दबाता रहा.
मुझपे सेक्स चड़ा हुआ था और उसपे भी. मैने उसकी त-शर्ट फाड़ दी और उसके बूब्स को आज़ाद कर दिया. वो यह देख कर तोड़ा शॉक तो हुई बुत उससे भी इससे में मज़ा आए रहा था.
मई अपना एक हाथ उसकी छूट पेर ले गया जो पूरी गीली हो चुकी थी. मई उसकी लेगिंग के उपेर से उसकी छूट मसलने लगा और एक हाथ से बूब्स को मसालने लगा. वो हल्का मोन करती और मुझे फिर ज़ोर से किस करती. वो अपना हाथ मेरी पंत के अंदर ताने हुए लंड पेर ले गई और पंत के उपेर से ही उससे मसालने लगे.
ढेरे ढेरे आंटी ने मेरी पंत खोल दी और लंड को अपने हाथ में पकड़ लिया और हिलने लगी जिससे मुझे जोश चाड गया और मैने ज़ोर से उनके रिघ्त बूब्स को मुहह में ले लिया और चूसने लगा. निशा आंटी लाउड मोन्स करने लगी जो मुझे बहुत एग्ज़ाइट करने लगा. और दूसरे हाथ से उसके लेफ्ट बूब को दबाने लगा जिससे उससे बहुत दर्द हुआ बुत साथ साथ मज़ा भी आए रहा था. मई उससे किस करते करते उसकी नबी पेर आए गया और उसमे अपने जीब डाल कर हिलने लगा जिससे वो मचलने लगी और सिसकिया लेने लगी, “आह… अहह… एस्स, बेबी… दो इट! अहह… ई लोवे इट!”
आएसए करते करते मेरा हाथ निशा आंटी के बूब्स पेर गया और मैने ज़ोर से उन्हे त-शर्ट के उपेर से ही दबा दिया जिससे उसकी छींक निकला गई. बुत मई कहा रुकने वाला था? उससे किस करता रहा और बूब्स दबाता रहा.
मुझपे सेक्स चड़ा हुआ था और उसपे भी. मैने उसकी त-शर्ट फाड़ दी और उसके बूब्स को आज़ाद कर दिया. वो यह देख कर तोड़ा शॉक तो हुई बुत उससे भी इससे में मज़ा आए रहा था.
मई अपना एक हाथ उसकी छूट पेर ले गया जो पूरी गीली हो चुकी थी. मई उसकी लेगिंग के उपेर से उसकी छूट मसलने लगा और एक हाथ से बूब्स को मसालने लगा. वो हल्का मोन करती और मुझे फिर ज़ोर से किस करती. वो अपना हाथ मेरी पंत के अंदर ताने हुए लंड पेर ले गई और पंत के उपेर से ही उससे मसालने लगे.
ढेरे ढेरे आंटी ने मेरी पंत खोल दी और लंड को अपने हाथ में पकड़ लिया और हिलने लगी जिससे मुझे जोश चाड गया और मैने ज़ोर से उनके रिघ्त बूब्स को मुहह में ले लिया और चूसने लगा. निशा आंटी लाउड मोन्स करने लगी जो मुझे बहुत एग्ज़ाइट करने लगा. और दूसरे हाथ से उसके लेफ्ट बूब को दबाने लगा जिससे उससे बहुत दर्द हुआ बुत साथ साथ मज़ा भी आए रहा था. मई उससे किस करते करते उसकी नबी पेर आए गया और उसमे अपने जीब डाल कर हिलने लगा जिससे वो मचलने लगी और सिसकिया लेने लगी, “आह… अहह… एस्स, बेबी… दो इट! अहह… ई लोवे इट!”
गली के सब मर्द ज़रूर उनको देखा कर हिलाते होंगे और उन्हे छोड़ना कहते होंगे. उनके हज़्बेंड सट्टे का कम करते थे जिसमे उन्हे काफ़ी घटा लगा गया था जिसके कारण वो घर पेर ही पड़े रहते थे. निशा आंटी को किटी में जाना और सोशियल होने का बहुत शौंक था. इससे किए वो हुमेशा एक दूं तैयार होकर टाइट सलवार सूट या वेस्टर्न डाल कर किटी में जाती थी. तब गली में उनके दर्शन होते थे. मॅन तो करता था यही उन्हे पकड़ लू और छोड़ डू.
निशा आंटी अपने पेज पेर फोटोस भी उपलोआड करती थी जिसपे में कॉमेंट करता और उनकी तारीफ करता. इससे हुमारी अची दोस्ती हो गई थी और हम ढेरे ढेरे सब शेर करने लगे थे. एक दिन निशा आंटी का मेसेज आया और हुमारी कॅषुयल बात चालू हुई. फिर उन्होने ढेरे ढेरे मुझसे पेरोसनल सवाल पूछने शुरू कर दिए.
निशा – तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है?
मे – आपके होते मुझे गर्लफ्रेंड की क्या ज़रूरत?
निशा – मतलब?
मे – मतलब, कुछ नही… बस आपको छेड़ रहा हू…
वो मेरी बात समाज तो गई थी, बस उसने रिक्ट नही किया. मैने निशा आंटी के पस्त के बारे में पूछा तो उसने बताया कसे वो कॉलेज में एंजाय करती थी अपने फ्रेंड्स के साथ, और शादी के बाद उसके ज़िंदगी बोरिंग हो गई. उसने अपने एक्स बाय्फ्रेंड के बारे में भी बताया और वो कहा अकेले घूमने गए है वो भी. तभी मुझे समाज आए गया निशा आंटी भी कुछ चाहती है, बस, सही मौका नही मिल रहा.
फिर एक दिन निशा आंटी की बेटी ने कोई कांड कर दिया जिससे वो काफ़ी अपसेट हो गई और परेशन रहने लगी. मैने उनसे पूछा तो वो रोने लगी और कहने लगी, “मई सबसे दुखी हो गई हू. मई मारना चाहती हू.” जैसे तेसे मैने उन्हे संभाला और जोक्स सुनाए जिससे उसका ध्यान हटा और मूड तोड़ा ठीक हुआ.
इसके बाद हम ज़्यादा क्लोज़ आए गए. वो मुझे मेम्स भेजने लगी और में भी उनपे रिप्लाइ देने लगा. ढेरे ढेरे हुमारी छत सेक्स छत में बदल गई और सेक्स छत वीडियो सेक्स में.
वो मुझे रोज़ वीडियो कॉल करती और अपने 38 के बड़े बड़े बूब्स दिखती. उसके बूब्स एक दूं बड़े और गोल थे और बीच में एक बड़ा सा ब्राउन निपल सेक्सी लग रहा था. उनके बूब्स पेर एक तिल तो सोने पे सुहागा था. वो मुझे वीडियो कॉल पेर बूब्स मसालते हुए और छूट में उंगली करती और मई उससे देख के अपना 7 इंच का लंड हिलता.
आएसए काफ़ी दिन चला बुत ढेरे ढेरे ह्यूम एक दूसरे की जिस्म की बुखा बदती जा रही थी. एक दिन निशा आंटी का मेसेज आया के उसके पति और बचे शादी में 2 दीनो के लिए देल्ही जा रहे है और वो कुछ बहाना बना कर यही रुकेगी. तो हम 2 दिन कुछ कर सकते है. मई यह सुन कर बहुत खुश हुआ और निशा आंटी की नंगी फोटोस देख के लंड मसलने लगा.
फिर कुछ दिन बाद, उसका पति और बचे देल्ही के लिए चलाए गए और मैने भी अपने घर पेर कह दिया, “मई 2 दिन के लिए घूमने बाहर जा रहा हू.”
निशा आंटी का मुझे मेसेज आया के, “आए जाओ… मैने गाते खुला छोड़ा है.” मई चुपके से बिना किसी की नज़र में आए उसके घर में चला गया और गाते बंद कर दिया. मई जैसे ही मुड़ा तो मेरे पीछे निशा आंटी टाइट लेगैंग्स और एक शॉर्ट त-शर्ट में खड़ी थी और नॉटी स्माइल दे रही थी. उसके बूब्स उससे त- शर्ट में फटके बाहर आने को हो रहे थे. मैं उन्हे देखता ही रह गया और मेरा लंड पंत में से ही टाइट होने लगा.
मैने दायर ना करते हुए आंटी को पकड़ लिया और एक ज़ोर दर किस किया. वो भी मेरा पूरा साथ देने लगी. हम किस करते करते घर के अंदर आए गए और मैने निशा आंटी को सोफे पेर धक्का दिया और खुद उनके उपेर गिर गया.
निशा – काफ़ी तडपया तुमने मुझे…
मे – बस मेरी जान, बस. सारी तड़प मिटा दूँगा तुम्हारी…
निशा – यह छूट तुम्हारा काब्से इंतेज़ार कर रही थी…
मे – हन… इससे छूट का पानी चकने और इसका भोसड़ा बनाने तो आया हू…
निशा आंटी मेरी बात सुनते ही मुझसे लिपट गई और मेरे होंटो को चूसने लगी; कभी अपनी जीब वो मेरे मुहह में डालती तो कभी मेरी जीब अपने मुहह में.
आएसए करते करते मेरा हाथ निशा आंटी के बूब्स पेर गया और मैने ज़ोर से उन्हे त-शर्ट के उपेर से ही दबा दिया जिससे उसकी छींक निकला गई. बुत मई कहा रुकने वाला था? उससे किस करता रहा और बूब्स दबाता रहा.
मुझपे सेक्स चड़ा हुआ था और उसपे भी. मैने उसकी त-शर्ट फाड़ दी और उसके बूब्स को आज़ाद कर दिया. वो यह देख कर तोड़ा शॉक तो हुई बुत उससे भी इससे में मज़ा आए रहा था.
मई अपना एक हाथ उसकी छूट पेर ले गया जो पूरी गीली हो चुकी थी. मई उसकी लेगिंग के उपेर से उसकी छूट मसलने लगा और एक हाथ से बूब्स को मसालने लगा. वो हल्का मोन करती और मुझे फिर ज़ोर से किस करती. वो अपना हाथ मेरी पंत के अंदर ताने हुए लंड पेर ले गई और पंत के उपेर से ही उससे मसालने लगे.
ढेरे ढेरे आंटी ने मेरी पंत खोल दी और लंड को अपने हाथ में पकड़ लिया और हिलने लगी जिससे मुझे जोश चाड गया और मैने ज़ोर से उनके रिघ्त बूब्स को मुहह में ले लिया और चूसने लगा. निशा आंटी लाउड मोन्स करने लगी जो मुझे बहुत एग्ज़ाइट करने लगा. और दूसरे हाथ से उसके लेफ्ट बूब को दबाने लगा जिससे उससे बहुत दर्द हुआ बुत साथ साथ मज़ा भी आए रहा था. मई उससे किस करते करते उसकी नबी पेर आए गया और उसमे अपने जीब डाल कर हिलने लगा जिससे वो मचलने लगी और सिसकिया लेने लगी, “आह… अहह… एस्स, बेबी… दो इट! अहह… ई लोवे इट!”
आएसए करते करते मेरा हाथ निशा आंटी के बूब्स पेर गया और मैने ज़ोर से उन्हे त-शर्ट के उपेर से ही दबा दिया जिससे उसकी छींक निकला गई. बुत मई कहा रुकने वाला था? उससे किस करता रहा और बूब्स दबाता रहा.
मुझपे सेक्स चड़ा हुआ था और उसपे भी. मैने उसकी त-शर्ट फाड़ दी और उसके बूब्स को आज़ाद कर दिया. वो यह देख कर तोड़ा शॉक तो हुई बुत उससे भी इससे में मज़ा आए रहा था.
मई अपना एक हाथ उसकी छूट पेर ले गया जो पूरी गीली हो चुकी थी. मई उसकी लेगिंग के उपेर से उसकी छूट मसलने लगा और एक हाथ से बूब्स को मसालने लगा. वो हल्का मोन करती और मुझे फिर ज़ोर से किस करती. वो अपना हाथ मेरी पंत के अंदर ताने हुए लंड पेर ले गई और पंत के उपेर से ही उससे मसालने लगे.
ढेरे ढेरे आंटी ने मेरी पंत खोल दी और लंड को अपने हाथ में पकड़ लिया और हिलने लगी जिससे मुझे जोश चाड गया और मैने ज़ोर से उनके रिघ्त बूब्स को मुहह में ले लिया और चूसने लगा. निशा आंटी लाउड मोन्स करने लगी जो मुझे बहुत एग्ज़ाइट करने लगा. और दूसरे हाथ से उसके लेफ्ट बूब को दबाने लगा जिससे उससे बहुत दर्द हुआ बुत साथ साथ मज़ा भी आए रहा था. मई उससे किस करते करते उसकी नबी पेर आए गया और उसमे अपने जीब डाल कर हिलने लगा जिससे वो मचलने लगी और सिसकिया लेने लगी, “आह… अहह… एस्स, बेबी… दो इट! अहह… ई लोवे इट!”